Post Office में खोल सकते हैं कई MIS खाते, पर समझ लें ₹9 लाख और ₹15 लाख का हिसाब
पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं पर लोगों का भरोसा बना हुआ है. खासकर ऐसे लोग जो अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित जगह रखना चाहते हैं और उससे नियमित आमदनी भी चाहते हैं. पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) भी ऐसी ही लोकप्रिय योजनाओं में शामिल है.
लेकिन इसमें निवेश करने वालों के मन में एक सवाल अक्सर रहता है- क्या एक व्यक्ति अपने नाम से एक से ज्यादा MIS खाते खोल सकता है? जवाब है हां. लेकिन यहां एक जरूरी शर्त है. कई खाते खोलने का मतलब यह नहीं है कि आप निवेश की तय सीमा से ज्यादा पैसा जमा कर सकते हैं.
एक से ज्यादा MIS अकाउंट खोल सकते हैं?
पोस्ट ऑफिस MIS में एक व्यक्ति एक से ज्यादा खाते खोल सकता है. यानी अगर किसी को अलग-अलग खातों में पैसा रखना सुविधाजनक लगता है, तो वह एक से ज्यादा MIS अकाउंट रख सकता है.
लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि सभी व्यक्तिगत MIS खातों में जमा रकम को जोड़कर देखा जाता है. इसलिए कई खाते खोलकर निवेश की अधिकतम सीमा को बढ़ाया नहीं जा सकता.
यानी अगर आपने एक खाते में ₹4 लाख जमा किए हैं और दूसरे खाते में ₹5 लाख, तो आपके कुल व्यक्तिगत MIS निवेश की रकम ₹9 लाख ही मानी जाएगी. आप तीसरा खाता खोल सकते हैं, लेकिन उसमें इस सीमा से ऊपर पैसा जमा नहीं कर सकते.
मौजूदा नियमों के मुताबिक, व्यक्तिगत MIS खाते में अधिकतम ₹9 लाख तक जमा किया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति एक से ज्यादा व्यक्तिगत खाते खोलता है, तो सभी खातों में जमा रकम मिलाकर भी अधिकतम सीमा ₹9 लाख ही रहेगी. इसे एक आसान उदाहरण से समझिए. मान लीजिए आपने तीन MIS खाते खोले हैं-
तीनों खातों में कुल निवेश ₹9 लाख हुआ. अब सिर्फ चौथा खाता खोल लेने से आप ₹9 लाख की सीमा से ऊपर निवेश नहीं कर पाएंगे.
अगर MIS खाता दो या उससे ज्यादा लोगों के नाम पर जॉइंट खोला जाता है, तो इसमें अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किया जा सकता है. यहां भी यही नियम लागू होता है कि कई जॉइंट MIS खाते खोलने से कुल निवेश की सीमा नहीं बढ़ती. यानी सभी जॉइंट खातों में जमा रकम को जोड़कर ₹15 लाख की सीमा देखी जाएगी.
उदाहरण के लिए, अगर किसी ने दो जॉइंट MIS खाते खोले हैं और पहले में ₹8 लाख तथा दूसरे में ₹7 लाख जमा किए हैं, तो कुल निवेश ₹15 लाख हुआ. इसके बाद किसी और जॉइंट खाते में अतिरिक्त रकम जमा करके इस सीमा को बढ़ाया नहीं जा सकता.
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यह सवाल भी जरूरी है कि अगर कुल निवेश की सीमा वही रहेगी, तो कई खाते खोलने का फायदा क्या है? दरअसल, एक से ज्यादा खाते खोलने की सुविधा का मतलब निवेश की सीमा बढ़ाना नहीं है. इसका इस्तेमाल लोग अपनी रकम को अलग-अलग खातों में रखने या अलग-अलग जरूरत के हिसाब से खाता रखने के लिए कर सकते हैं. लेकिन कुल रकम पर लागू अधिकतम सीमा का ध्यान रखना जरूरी है. सिर्फ अलग-अलग खाते खोलकर ₹9 लाख या ₹15 लाख की सीमा को पार नहीं किया जा सकता.
अगर आप अपने नाम से MIS खाते में अधिकतम ₹9 लाख जमा करते हैं, तो 7.4% सालाना ब्याज के हिसाब से सालभर में करीब ₹66,600 ब्याज बनता है. इसे 12 महीनों में बांटें तो हर महीने करीब ₹5,550 की आमदनी होती है. यानी ₹9 लाख की एकमुश्त रकम लगाने पर आपको हर महीने करीब ₹5,550 ब्याज मिल सकता है. यह रकम मूल निवेश से अलग ब्याज के तौर पर मिलती है.
पोस्ट ऑफिस MIS की अवधि 5 साल है. इसलिए इसमें पैसा लगाने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपको इस रकम की जल्द जरूरत तो नहीं पड़ेगी. यह स्कीम उन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकती है जो अपनी एकमुश्त रकम से हर महीने नियमित ब्याज की आमदनी चाहते हैं और पैसा कुछ साल के लिए अलग रख सकते हैं.
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जरूरत पड़ने पर MIS खाता खुलने के एक साल बाद पैसा निकाला जा सकता है. हालांकि, समय से पहले खाता बंद करने पर लागू नियमों के मुताबिक कटौती यानी पेनाल्टी हो सकती है. इसलिए सिर्फ यह देखकर निवेश नहीं करना चाहिए कि हर महीने ब्याज मिलेगा. यह भी देखना जरूरी है कि अगले कुछ सालों में इस रकम की जरूरत तो नहीं पड़ने वाली.
स्कीम के नियमों के मुताबिक, समय से पहले खाता बंद करने पर कटौती लागू होती है. इसलिए निवेश की अवधि पूरी होने से पहले पैसा निकालने की स्थिति में मिलने वाली रकम पर असर पड़ सकता है. खास तौर पर 3 साल बाद लेकिन मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने के मामले में लागू पेनाल्टी को ध्यान में रखना चाहिए.


