शादी कैसे निभानी है? अब मिलेगी इस बात की ट्रेनिंग... जानिए कहां हुई ये शुरुआत
करियर बनाने के लिए युवा सालों तक पढ़ाई और तैयारी करते हैं, लेकिन शादी और परिवार की जिम्मेदारियों के लिए कितनी तैयारी करते हैं? इसी सवाल के साथ गोवा के एक कॉलेज ने युवाओं के लिए खास सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का फैसला किया है. इस कोर्स में शादी से पहले खुद को समझने, पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत बनाने और शादीशुदा जिंदगी की जिम्मेदारियों को समझने की ट्रेनिंग दी जाएगी.
गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस के डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट एंड फैमिली स्टडीज की ओर से यह कोर्स शुरू किया जा रहा है. इसका नाम मैरिज रेडीनेस: प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स रखा गया है. कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पई ने PTI को बताया कि यह कोर्स 2 दिसंबर से 17 दिसंबर 2026 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य युवाओं को सिर्फ शादी की रस्मों के लिए तैयार करना नहीं बल्कि उन्हें यह समझाना है कि एक स्वस्थ और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पई के मुताबिक, मैरिज रेडीनेस का मतलब केवल शादी की तैयारी करना नहीं है. इसमें खुद को समझना, पार्टनर की भावनाओं को जानना, रिश्तों में प्रतिबद्धता और शादी के बाद आने वाली जिम्मेदारियों को समझना भी शामिल है. कॉलेज के ब्रोशर में भी सवाल उठाया गया है कि जब युवा करियर बनाने के लिए करीब 20 साल तक पढ़ाई करते हैं, तो शादी और परिवार की जिंदगी के लिए तैयारी करने में कितना समय देते हैं?
इस कोर्स में रिश्तों से जुड़े कई अहम विषयों को शामिल किया गया है. इनमें डेटिंग का उद्देश्य और उसके बदलते तौर-तरीके, खुद को समझना और एक दूसके बारे में समझना शामिल है. इसके अलावा, युवाओं को शादी और वेडिंग के बीच का अंतर भी समझाया जाएगा यानी शादी सिर्फ एक समारोह नहीं बल्कि लंबे समय तक निभाई जाने वाली साझेदारी और जिम्मेदारी है.
कॉलेज के मुताबिक, यह कोर्स अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों के अलावा अविवाहित युवाओं और स्वस्थ रिश्ते बनाने में रुचि रखने वाले अन्य लोगों के लिए भी खुला है. यह कोर्स ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है, जब गोवा सरकार भी शादी से पहले काउंसलिंग की व्यवस्था शुरू करने पर विचार कर रही है.
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को पणजी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि सरकार राज्यभर में प्री-मैरिज काउंसलिंग शुरू करना चाहती है, ताकि तलाक के मामलों को कम किया जा सके. राज्य के कानून विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच गोवा की सिविल अदालतों में शादी और तलाक से जुड़े 3,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए.
इनमें अकेले 2024 में 947 याचिकाएं दाखिल हुई थीं. ऐसे में गोवा के इस कॉलेज की पहल का मकसद युवाओं को शादी से पहले रिश्तों की बारीकियां समझने और भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है.

