'मुसलमानों के खिलाफ हिन्दू-यहूदियों का गठजोड़', आसिम मुनीर ने तुर्की, सऊदी और ईरान से क्या-क्या कहा?

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ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हिंदुओं और यहूदियों के बीच बढ़ते संबंधों को लेकर चेतावनी दी है. मोहसिन रेजाई के अनुसार हिन्दुओं और यहूदियों का ये गठबंधन मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ हैं. बताया जा रहा है कि यह ट...

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हिंदुओं और यहूदियों के बीच बढ़ते संबंधों को लेकर चेतावनी दी है. मोहसिन रेजाई के अनुसार हिन्दुओं और यहूदियों का ये गठबंधन मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ हैं. बताया जा रहा है कि यह टिप्पणी 26 अक्टूबर को तेहरान में हुई चार देशों की सुरक्षा बैठक के दौरान की गई थी. रेज़ाई का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे मुनीर और तुर्की के खुफिया प्रमुख इब्राहिम कलिन के बारे में बात करते हुए भारत-इजरायल संबंधों को पाकिस्तान और पूरी मुस्लिम दुनिया के लिए खतरा बता रहे हैं.

लाहौर के न्यूज आउटलेट '24 न्यूज़ HD' ने ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई के ईरानी सरकारी प्रसारक 'IRIB' को दिए गए एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए बताया कि मुनीर ने हिंदुओं और यहूदियों के बीच बढ़ते संबंधों पर चिंता जताई है, जो मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ हैं.

26 अक्टूबर की इस बैठक में ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की शामिल हुए थे. यह बैठक ऐसे समय में हुई जब इजरायल और अमेरिका को लेकर तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान की ओर से फील्ड मार्शल मुनीर, तुर्की की ओर से कालिन, सऊदी अरब की ओर से रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और ईरान की ओर से सुरक्षा प्रमुख रेज़ाई ने हिस्सा लिया. 

चार देशों की यह बैठक मुनीर की तेहरान यात्रा के कुछ दिनों बाद हुई. इस यात्रा के दौरान कुछ वीडियो सामने आए जिसमें पाक सेना प्रमुख मुनीर को रेज़ाई और अन्य ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करते देखा जा सकता है. 20 अक्टूबर को 'अल अरबिया' द्वारा जारी फुटेज में, मुनीर का स्वागत करते समय रेज़ाई काफी गंभीर और खामोश नजर आए. 

कई पाकिस्तानी विशेषज्ञों के साथ-साथ पत्रकार नजम सेठी ने भी मुनीर को ही वह सैन्य अधिकारी बताया है जिसने हिंदुओं और यहूदियों को लेकर टिप्पणी की थी. अपने यूट्यूब चैनल पर रजाई के बयान का जिक्र करते हुए सेठी ने कहा कि मुनीर ने चेतावनी दी थी कि हिंदुओं और यहूदियों के बीच गठबंधन एक "बड़ा खतरा" है, और उन्होंने "मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ भू-राजनीतिक एकजुटता" की बात कही थी. 

SAUDI ARABIA, PAKISTAN & TURKEY MORE ANTI-ZIONIST than MANY OF IRAN'S ALLIES — Senior IRGC official Mohsen Rezaei Cites SENIOR OFFICIALS warning ISRAEL could target them NEXT, after Iran Says remarks reflect INTELLIGENCE ASSESSMENTS of Israel's REGIONAL AMBITION https://t.co/P6r912sg84

ईरानी दूतावास के अनुसार 26 अक्टूबर की बैठक से कुछ दिन पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मोहसिन रेज़ाई के साथ टेलीफोन पर बातचीत की. जिसमें उन्होंने हाल के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की.

आसिम मुनीर ने बार-बार हिंदुओं और मुसलमानों के बीच धार्मिक मतभेदों का ज़िक्र किया है. उनका कहना है कि ये दोनों समुदाय मूल रूप से एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. अप्रैल 2025 में पाकिस्तान समर्थित पहलगाम आतंकी हमले से कुछ दिन पहले उन्होंने अपने बयानों को और तीखा करते हुए कहा था कि हिंदू और मुसलमान अपने धर्म, रीति-रिवाजों, परंपराओं, विचारों और महत्वाकांक्षाओं के मामले में एक-दूसरे से अलग हैं. उन्होंने टू-नेशन थ्योरी का भी ज़िक्र किया था.  इसलिए रेज़ाई द्वारा मुनीर के हवाले से कही गई हालिया बातें भले ही उनकी पुष्टि न हुई हो उनके पहले के बयानों के अनुरूप ही हैं.  इस बार उन्होंने इसमें यहूदियों को भी शामिल कर लिया है.

ईरान के सुरक्षा प्रमुख के अनुसार मुनीर ने क्या कहा?

31 अक्टूबर को ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में रेज़ाई ने पांच दिन पहले हुई चार-पक्षीय सुरक्षा वार्ता के बारे में बात की.

पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट '24 न्यूज़ एचडी' के अनुसार रेजाई ने दावा किया कि वहां आए सऊदी, तुर्की और पाकिस्तानी अधिकारियों ने इजरायल को लेकर गहरी चिंता जताई थी.

मुनीर का जिक्र करते हुए रेजाई ने कहा कि उन्होंने "इजरायली खतरे और हिंदुओं तथा यहूदियों के बीच बन रहे उन संबंधों के बारे में बात की, जो मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ हैं."

रेजाई ने बताया कि तुर्की के खुफिया प्रमुख कालिन ने भी इजरायल से मिलने वाले खतरे पर कड़ा रुख अपनाया.

भारत और इजरायल की बढ़ती साझेदारी रक्षा और खुफिया सहयोग, आतंकवाद विरोधी प्रयासों, व्यापार, कृषि, जल प्रबंधन और उभरती हुई तकनीकों पर टिकी है. फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक पहुंचा दिया था.

मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान, इजरायल एकमात्र ऐसा देश था जिसने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का खुलकर समर्थन किया था. भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अज़ार ने कहा था कि आतंकवादियों के छिपने के लिए अब कोई जगह नहीं बची है.

इस साल फरवरी में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 'हेक्सागन ऑफ अलायंसेज' यानी कि छह देशों का गठबंधन बनाने का प्रस्ताव रखा था. इसमें भारत, इजरायल, ग्रीस, साइप्रस और अन्य देश शामिल थे. इसका मकसद कट्टरपंथी शिया और सुन्नी गुटों का मुकाबला करना था. अक्टूबर में उन्होंने वैकल्पिक गठबंधन बनाने की अपनी योजनाओं में भारत को एक प्रमुख साझेदार बताया. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद इजरायल को अमेरिका के एक ऐसे प्रशासन का सामना करना पड़ सकता है जो उनके प्रति शत्रुतापूर्ण हो.

पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने भी क्षेत्रीय तनाव पर एक यूट्यूब कार्यक्रम के दौरान रेज़ाई के खुलासों पर चर्चा की. 

सेठी ने कहा, "वह बता रहे थे कि आसिम मुनीर ने उनसे क्या कहा था."

इसके बाद सेठी ने मुनीर की ओर से एक चेतावनी का जिक्र करते हुए कहा, "देखिए हिंदुओं और यहूदियों के बीच का यह गठबंधन हमारे लिए बहुत बड़ा खतरा है." सेठी ने कहा, "वे काफी सहज लग रहे थे और बता रहे थे कि आसिम मुनीर और सऊदी रक्षा मंत्री ने उनसे क्या कहा है. वे उनकी बातों से काफी सहमत लग रहे थे, मानो कह रहे हों कि उन्होंने बहुत अच्छी बात कही है. आसिम मुनीर ने कहा, 'देखिए हिंदुओं और यहूदियों के बीच का यह गठबंधन हमारे लिए बहुत बड़ा खतरा है.'

उन्होंने आगे बताया कि मुनीर ने "मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ एक भू-राजनीतिक एकजुटता" के बारे में बात की थी. 

दिलचस्प बात यह है कि 26 अक्टूबर को हुई चार देशों की बैठक से ठीक छह दिन पहले रेज़ाई और मुनीर की मुलाकात हुई थी. 20 अक्टूबर को ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की पाकिस्तान की कोशिशों के तहत मुनीर तेहरान गए थे. वहां उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ़ और रेज़ाई से मुलाकात की. बैठक के फुटेज में देखा जा सकता है कि जब मुनीर अभिवादन के लिए रेज़ाई की ओर झुके तो रेज़ाई काफी सख्त और असहज नजर आए. 

26 अक्टूबर को हुई अगली बैठक क्षेत्रीय युद्ध को सीमित करने और सैन्य तनाव को और बढ़ने से रोकने के प्रयासों का हिस्सा थी. हालांकि मुनीर के हवाले से कही गई ये बातें रेजाई के अनुसार एक निजी राजनयिक बातचीत का हिस्सा थीं.

Original Source
https://www.aajtak.in/world/story/asim-munir-pak-army-chief-hindu-jewish-alliance-trurkey-saudi-iran-ntcppl-dskc-2687488-2026-11-03?utm_source=rss
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