बहुमत मिले या न मिले, ट्रंप की टैरिफ लगाने की तैयारी जारी, डेमोक्रेट्स भी एक्टिव

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तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद सत्ता में बदलाव की संभावना के बीच ट्रंप प्रशासन ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. ट्रंप प्रशासन की योजना है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना ही व्यापार समेत कई मामलों में कार्यकारी आदेशों के जरिए फैसले लिए जाएं. 

तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद सत्ता में बदलाव की संभावना के बीच ट्रंप प्रशासन ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. ट्रंप प्रशासन की योजना है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना ही व्यापार समेत कई मामलों में कार्यकारी आदेशों के जरिए फैसले लिए जाएं. 

अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेती है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार से जुड़े फैसलों का विरोध बढ़ सकता है. डेमोक्रेट्स अगले साल सरकार के फैसलों की जांच के लिए कई सुनवाई कर सकते हैं. इसके साथ ही, टैरिफ वापस लेने के लिए प्रतीकात्मक मतदान भी करा सकते हैं. हालांकि, व्यापार विशेषज्ञों और कांग्रेस के सहयोगियों का मानना है कि इन कोशिशों के बावजूद ट्रंप को नए टैरिफ लगाने से रोकना आसान नहीं होगा. 

डेमोक्रेट्स कोई ऐसा कानून लाना चाहते हैं जिससे ट्रंप के कई टैरिफ को पलटा जा सके. साथ ही, उन पुराने व्यापार कानूनों को रद्द किया जा सके जिन पर ये टैरिफ आधारित हैं. हालांकि, किसी भी विधायी कोशिश के सामने ट्रंप का वीटो पावर एक बड़ी बाधा है. 

सीनेट की फाइनेंस कमेटी में डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सदस्य सीनेटर रॉन वाइडेन ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी पाथमिकताओं में से एक कनाडा पर लगाए गए ट्रंप के टैरिफ को हटाना होगा. उन्होंने कहा कि इन टैरिफ की वजह से सामान महंगा हो रहा है और अमेरिका-कनाडा सीमा के दोनों तरफ के समुदायों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. 

रिपब्लिकन के पास US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 218-214 और सीनेट में 53-47 का मामूली बहुमत है. इसे पलटने के लिए डेमोक्रेट्स को दोनों सदनों में कुल मिलाकर चार-चार सीटें और जीतने की जरूरत है.

ओपिनियन पोल के मुताबिक, हाउस में डेमोक्रेट्स की जीत की संभावना ज्यादा है, जबकि सीनेट का मुकाबला बेहद करीबी है. ऐसे में सीनेट में किसे जीत मिलेगी यह कहना मुश्किल है. हालांकि, अगर डेमोक्रेट्स एक या दोनों सदनों में जीत भी जाते हैं तब भी उनके पास राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं होगा. 

अगर डेमोक्रेट्स अमेरिकी कांग्रेस के कम से कम एक सदन पर अपना नियंत्रण हासिल कर लेते हैं तो वे पुराने व्यापार कानूनों को फिर से लागू करने की कोशिश कर सकते हैं. इसमें सीनेटर चक शूमर का प्रस्तावित 'एंड ट्रम्प्स टैरिफ टैक्स एक्ट' भी शामिल है. इस बिल का मकसद ट्रंप के टैरिफ को खत्म करना है. 

यह बिल 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 को खत्म करने का प्रस्ताव रखता है. इसी धारा के तहत कनाडा से आने वाले सामानों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार मिलता है. इसके अलावा, बिल में 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 को भी खत्म करने की बात कही गई है. ट्रंप प्रशासन ने इसी धारा का इस्तेमाल दुनिया भर से आने वाले सामानों पर 10% अस्थायी टैरिफ लगाने के लिए किया था. 

इस बिल को 28 सांसदों का समर्थन मिला है, जिसमें सीनेटर रॉन वाइडेन भी शामिल हैं. बिल में इन कानूनों के तहत अब तक वसूले गए टैरिफ का पैसा वापस करने की मांग भी की गई है. हालांकि, वाशिंगटन के सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के सलाहकार विलियम रीन्श का कहना है कि डेमोक्रेट्स के लिए अपनी कोशिशों को कानून में बदलना मुश्किल होगा क्योंकि किसी भी पार्टी को वीटो-प्रूफ बहुमत मिलने की संभावना नहीं है.

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भले ही ट्रंप के टैरिफ को पलटने के लिए डेमोक्रेट्स के पास पर्याप्त वोट न हों, फिर भी वे कांग्रेस की व्यापार समितियों पर अपने नियंत्रण का इस्तेमाल जांच शुरू करने और नियमित रूप से निगरानी सुनवाई आयोजित कर सकते हैं.

वहीं, व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप अपने कार्यकाल के आखिरी दो सालों में टैरिफ को लेकर अपना रुख बदलने वाले नहीं हैं. माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन आने वाले समय में और नए टैरिफ लगा सकता है. 

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता मैथ्यू मिडलटन ने कहा कि ट्रंप अमेरिकी कामगारों, किसानों और कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए टैरिफ लगाना जारी रखेंगे. प्रशासन का मानना है कि कुछ देश व्यापार में गलत तरीके अपनाते हैं. मैथ्यू मिडलटन का कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका फर्स्ट की नीति से पीछे नहीं हटेंगे. फिर चाहे मामला दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौतों का हो या फिर टैक्स में कटौती और नियमों में छूट देने का हो. 

Original Source
https://www.aajtak.in/world/story/us-midterm-elections-trump-administration-trade-policy-tariffs-ntc-acwi-dskc-2686099-2026-11-02?utm_source=rss
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