'चन्नी साहब की जीत हो गई...' पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद छलका वड़िंग का दर्द
साल 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने पंजाब के नए कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कमान संभाली है. शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपा. वड़िंग ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की जीत बताया.
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से आंतरिक कलह की खबरें सामने आ रही थीं. शुक्रवार को इस्तीफा देने के बाद वड़िंग ने कहा कि उन्हें पता चला था कि पंजाब AICC प्रभारी सचिन पायलट चाहते थे कि वे अपने पद से हट जाएं. हालांकि, वड़िंग का कहना था कि उन्होंने किसी के दबाव में नहीं, अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है.
वडिंग ने कहा, 'सचिन पायलट को लगा होगा कि मेरा अध्यक्ष पर बने रहना ठीक नहीं है. चन्नी साहब की जीत हो गई.' वडिंग ने करीब चार सालों तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली. विधानसभा चुनाव से पहले उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब चरणजीत सिंह चन्नी के गुट के साथ कुछ महीनों से तनाव बना हुआ था. चन्नी गुट उन्हें प्रदेश अध्यक्ष से हटाने की मांग कर रहा था.
VIDEO | Former Punjab Congress chief Amarinder Singh Raja Warring says, "A lot of personal and family matters were discussed with Rahul Gandhi, along with Punjab politics, and the discussions were positive. Other matters were internal, so I would prefer not to disclose them on… pic.twitter.com/ySgYVQnKgy
वड़िंग ने कहा कि उन्हें हालात का अंदाजा हो गया था और जब उन्हें लगा कि स्थिति पर चरम पर पहुंच चुकी है तो उन्होंने खुद ही पद से हटने का फैसला किया. चन्नी का गुट भी उन लोगों में शामिल था जो वड़िंग को हटाना चाहते थे. अब, परगट सिंह की नियुक्ति पर अलग-अलग गुटों की नजर रहने वाली है.
अगर वड़िंग की बात करें तो उन्होंने सीधे तौर पर पायलट पर कोई आरोप नहीं लगाया है. उनका कहना था कि उन्हें पता चला था कि पायलट उन्हें हटाना चाहते थे और शायद उन्हें ऐसा लगा होगा कि उन्हें पद पर बने नहीं रहना चाहिए.
विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने पंजाब के नए कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कमान संभाली है. अब, परगट सिंह की नियुक्ति से कांग्रेस को एक ऐसा नेता मिला है जिसके पास राजनीतिक अनुभव तो है, लेकिन वड़िंग-चन्नी के बीच चल रहे टकराव से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है.
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन रहे परगट 2012 से जालंधर कैंटोनमेंट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. शिरोमणि अकाली दल छोड़ने के बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए और बाद में चन्नी सरकार में मंत्री के तौर पर स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामले तथा NRI मामलों जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली.

