इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, नेपाल भागे, कोर्ट मैरिज की, छह महीने बाद पति की हत्या, पत्नी को उम्रकैद

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सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र के संतोरी गांव में पति की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी ज्योति चौधरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव तृतीय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद ज्योति को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (...

सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र के संतोरी गांव में पति की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी ज्योति चौधरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव तृतीय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद ज्योति को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत दोषी माना. अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में उसे पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अभियोजन के अनुसार मामला 2 और 3 अक्टूबर 2024 की रात का है. इसी रात अमित चौधरी की उसके घर में हत्या कर दी गई थी.

खास बात यह रही कि हत्या के बाद ज्योति ने खुद 112 नंबर पर फोन किया और पुलिस को बताया कि उसने अपने पति की हत्या कर दी है. सूचना मिलने के बाद पुलिस रात में ही अमित के घर पहुंची थी. अमित चौधरी चिल्हिया थाना क्षेत्र के संतोरी गांव का रहने वाला था. वह शिवपति इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था. इसी दौरान उसकी दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए बुढ़नइया गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी से हुई. दोनों इंस्टाग्राम पर रील अपलोड करते थे. ज्योति का गांव अमित के गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर था और अमित इसी रास्ते से स्कूल जाता था.

सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती धीरे-धीरे फोन पर बातचीत और फिर मुलाकातों में बदल गई. दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया. परिवार की जानकारी के अनुसार दोनों ने 12 मार्च 2024 को घर छोड़ दिया और नेपाल चले गए. ज्योति के परिजनों ने शोहरतगढ़ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. अमित के पिता उस समय मुंबई में कपड़े की फैक्ट्री में काम करते थे. जानकारी मिलने के बाद वह भी गांव पहुंचे. पुलिस के साथ परिवार के लोग भी दोनों की तलाश कर रहे थे. इसी दौरान अमित ने अपनी मां को मैसेज कर अपनी कुशलता की जानकारी दी. मां ने यह बात पिता को बताई. इसके बाद अमित के पिता ने मां के जरिए दोनों को घर वापस आने और शादी करने के लिए कहा. दोनों वापस लौट आए.

अमित और ज्योति दोनों शादी करना चाहते थे. परिवारों ने भी उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया. इसके बाद 19 मार्च 2024 को दोनों की कोर्ट मैरिज कराई गई. करीब एक महीने बाद अमित के परिवार ने सामाजिक तौर-तरीके से भी दोनों की शादी कराई. शादी के बाद अमित और ज्योति एक साथ घर में रहने लगे. परिवार के मुताबिक दोनों शुरुआत में ठीक से रह रहे थे. परिवार को उम्मीद थी कि दोनों का वैवाहिक जीवन आगे भी इसी तरह चलता रहेगा. लेकिन शादी के करीब छह महीने बाद ही यह रिश्ता हत्या की वारदात में बदल गया.

20 सितंबर 2024 को अमित की दादी का निधन हो गया था. उनके पिता मुंबई से वापस घर आए थे और परिवार के साथ क्रिया कर्म में लगे हुए थे. 2 और 3 अक्टूबर को परिवार में तेरहवीं और ब्रह्मभोज की तैयारी चल रही थी. परिवार के लोग दिनभर तैयारियों में व्यस्त रहे. रात में थकने के बाद घर के लोग अलग-अलग जगहों पर सोने चले गए. अमित और ज्योति अपने कमरे में चले गए.  रात करीब एक से दो बजे के बीच अचानक पुलिस अमित के घर पहुंची. पुलिस ने दरवाजा खटखटाकर परिवार को जगाया और बताया कि उनके घर से 112 नंबर पर फोन किया गया है. पुलिस के मुताबिक सूचना देने वाली ज्योति थी और उसने अपने पति की हत्या की बात कही थी.

परिवार के लोग पुलिस के साथ ऊपर कमरे में पहुंचे. वहां अमित बिस्तर पर मृत पड़ा था. उसके हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे. पास में टाई पड़ी थी और तकिए पर खून के निशान दिखाई दे रहे थे. अमित के पिता संतोष कुमार के मुताबिक उस समय ज्योति भी कमरे में मौजूद थी. उन्होंने बताया कि ज्योति ने पुलिस के सामने कहा कि गुस्से में उसने अमित को मार दिया. सरकारी अधिवक्ता राजेश कुमार त्रिपाठी ने भी अदालत की कार्यवाही का हवाला देते हुए बताया कि ज्योति ने 112 नंबर पर फोन करके अपने पति की हत्या करने की जानकारी दी थी. पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद कमरे में अमित का शव मिला था. उसके हाथ पीछे बंधे हुए थे और पास में टाई पड़ी थी.

अमित के पिता संतोष कुमार ने बताया कि उन्हें आज तक यह समझ नहीं आया कि ज्योति ने उनके बेटे की हत्या क्यों की. उन्होंने कहा कि उससे काफी पूछताछ हुई, लेकिन उसने यही कहा कि उसे गुस्सा आया और उसने अमित को मार दिया. पिता ने यह भी कहा कि अमित उनका इकलौता बेटा था. बेटे की मौत के बाद पूरी जिंदगी उसकी कमी महसूस होती रहेगी. अदालत के फैसले पर उन्होंने संतोष जताया.

अमित की मां विंध्यवासिनी ने भी कहा कि दोनों प्रेम संबंध में थे और परिवार ने उनकी इच्छा से शादी कराई थी. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि ऐसा कुछ हो सकता है तो वह इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करतीं. मां ने बताया कि परिवार को दोनों के बीच किसी बड़ी परेशानी की जानकारी नहीं थी. बेटे की मौत के बाद वह बेहद दुखी हैं और हत्या की वजह अब भी उनके लिए सवाल बनी हुई है.

हत्या के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया. जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया और मामला जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचा. इसके बाद मुकदमे की सुनवाई हुई. सरकारी अधिवक्ता राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक ट्रायल पूरा होने के बाद 1 साल 6 महीने 18 दिन में मामले का निस्तारण हुआ. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने ज्योति चौधरी को BNS की धारा 103 (1) के तहत हत्या का दोषी माना.

अदालत ने ज्योति को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. सरकारी अधिवक्ता के मुताबिक अर्थदंड की राशि का 70 प्रतिशत मृतक के परिवार को देने का आदेश भी दिया गया है. अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में ज्योति को पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इस तरह इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती, प्रेम संबंध और फिर परिवार की सहमति से हुई शादी का रिश्ता करीब छह महीने बाद पति की हत्या के मामले में पहुंच गया. अदालत ने अब इस मामले में पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई है.  

Original Source
https://www.aajtak.in/uttar-pradesh/story/instagram-love-story-ends-in-husband-murder-siddharthnagar-wife-gets-life-imprisonment-lclar-strc-2659515-2026-10-02?utm_source=rss
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