'तुझे भी नीचे फेंक दिया जाएगा...', सिया-केतन केस में गवाह ने बताई धमकी की पूरी कहानी
महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोहागढ़ किले पर 18 जून को हुई केतन अग्रवाल की मौत के मामले में गवाह के बयान की अहम जानकारी अब सामने आई है. इस गवाह ने पुलिस को बताया था कि उसने केतन को खाई की तरफ धक्का दिए जाते देखा. उसका दावा है कि घटना के बाद जब उसने चेतन चौधरी से इस बारे में बात की तो उसे भी नीचे फेंकने की धमकी दी गई.
यह गवाह अपने दोस्त के परिवार के साथ लोहागढ़ घूमने गया था. किले पर चढ़ते समय उसने केतन और सिया गोयल को साथ देखा था. उनके पीछे चेतन चल रहा था. गवाह के मुताबिक, चेतन ने गर्मी में भी हुडी पहन रखी थी. उसने इस पर उससे सवाल किया था, जिससे उसे चेतन का चेहरा याद रह गया.
गवाह ने घटना के पांच दिन बाद 23 जून को पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया था. उसके बयान के मुताबिक, किले पर आगे जाने के दौरान पेट में दर्द होने पर वह कुछ देर के लिए अलग हो गया था. लौटने के बाद उसने जो देखा, वही बाद में उसने पुलिस को बताया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, किले पर पहुंचने के बाद चेतन कुछ देर मंदिर के पास बैठा. बाद में वह केतन और सिया के पीछे चला गया. इसी दौरान गवाह पेट में दर्द होने की वजह से कुछ देर के लिए अलग हो गया. लौटने पर उसने सिया को चेतन की तरफ इशारा करते देखा. गवाह के बयान के मुताबिक, इसके बाद सिया नीचे बैठी और केतन के पैर पर लात मारी. तभी चेतन पीछे से आया और उसने केतन को खाई की तरफ धक्का दे दिया.
गवाह का दावा है कि उसने बाद में चेतन से इस बारे में पूछा. आरोप है कि चेतन ने उसे चुप रहने को कहा. इसी दौरान उसे धमकी दी गई कि 'उसे भी नीचे फेंक दिया जाएगा'. गवाह ने तुरंत अपने दोस्तों को यह बात नहीं बताई. घर लौटने के बाद उसकी तबीयत खराब हुई. बाद में मीडिया रिपोर्टों के जरिए घटना के बारे में ज्यादा जानकारी मिलने पर उसने पुलिस से संपर्क किया.
जांच में पुलिस ने एक दूसरे व्यक्ति का बयान भी दर्ज किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लोहागढ़ चढ़ते समय उसकी भी चेतन से मुलाकात हुई थी. उसने चेतन की हुडी को लेकर सवाल किया था. आरोप है कि चेतन ने माफी मांगी और आगे चला गया. वहीं, पुलिस ने एक दुकान कर्मचारी के मोबाइल से हुए 140 रुपये के भुगतान को भी ट्रेस किया है. यह रकम नाश्ते और लोहागढ़ के एंट्री पास के लिए दी गई थी.
12 TB डेटा में क्या तलाश रही पुलिस?
जांच में करीब 12 TB डिजिटल डेटा खंगाला जा रहा है. इसमें छह मोबाइल फोन, नौ पेन ड्राइव, बैकअप, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और डिलीट चैट शामिल हैं. फोरेंसिक जांच में डिलीट की गई कुछ जानकारी वापस भी मिली है.
Instagram, WhatsApp, Snapchat और ChatGPT की गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं. सिया के पास रखे बताए जा रहे दूसरे फोन का डेटा उसके बैकअप से हासिल किया गया है. इस मामले में आरोपी रितेश हांगे के मोबाइल से रिकवर हुई डिलीट चैट भी जांच में शामिल है. इनमें सिया और चेतन से जुड़ी बातचीत होने की बात सामने आई है.
पुलिस उन सर्च को भी देख रही है, जिनमें घटना के बाद पुलिस से बचने, जांच की प्रक्रिया समझने या ऐसी गलतियों से बचने की जानकारी खोजी गई थी. अब गवाहों के बयानों को डिजिटल डेटा, फोरेंसिक सबूत, कॉल रिकॉर्ड और बरामद चैट से मिलाया जा रहा है. मकसद यह पता लगाना है कि केतन की मौत से पहले और बाद में आखिर क्या-क्या हुआ था.
