पास में थी मस्जिद, अजान सुनी... और मुश्ताक खान ने लगा दी थी जान की बाजी, किडनैपर्स को दिया चकमा
मुश्ताक खान अब इस दुनिया में नहीं रहे. ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘स्त्री 2’ और ‘आशिकी’ जैसी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इस एक्टर के निधन की खबर ने फैंस को दुखी कर दिया है. लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. साल 2024 में मुश्ताक खान का अपहरण कर लिया गया था. उन्हें एक अवॉर्ड फंक्शन में शामिल होने के बहाने बुलाया गया और फिर बंदूक के दम पर बंधक बना लिया गया. करीब 12 घंटे तक वह किडनैपर्स के कब्जे में रहे.
इस पूरी कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा ये था कि बदमाशों को यकीन था कि मुश्ताक खान बॉलीवुड के बड़े और अमीर स्टार हैं. उन्हें लगता था कि जो कलाकार करोड़ों की फिल्मों में काम करता है, उसके पास भी करोड़ों रुपये होंगे. लेकिन मुश्ताक ने जब अपनी कमाई की सच्चाई बताई तो किडनैपर्स भी हैरान रह गए थे.
मुश्ताक खान ने बताया था कि अक्टूबर 2024 के आखिर में उनके पास राहुल सैनी नाम के शख्स का फोन आया. उसने खुद को जान-पहचान वाला बताते हुए मेरठ में एक अवॉर्ड फंक्शन का ऑफर दिया. कार्यक्रम में सीनियर एक्टर्स समेत अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सम्मानित करने की बात कही गई थी.
फीस को लेकर बातचीत हुई और करीब 75 हजार रुपये में बात तय हुई. मुश्ताक को एडवांस भी भेजा गया और मुंबई से दिल्ली की फ्लाइट का टिकट भी दिया गया. यानी सबकुछ इतना सामान्य तरीके से किया गया कि उन्हें जरा भी शक नहीं हुआ कि ये किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है.
20 नवंबर को मुश्ताक दिल्ली पहुंचे. एयरपोर्ट पर उन्हें लेने के लिए कार आई, लेकिन कार्यक्रम की जगह कार का रास्ता बदल गया. कुछ देर बाद उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाया गया और फिर हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया. मुश्ताक के मुताबिक, उनका चेहरा ढक दिया गया और उन्हें एक सुनसान जगह की तरफ ले जाया गया. बाद में उन्हें बिजनौर के पास एक घर में बंधक बनाकर रखा गया.
‘तू झूठ बोल रहा है... तेरे पास पैसे क्यों नहीं हैं?’
किडनैपर्स ने मुश्ताक से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. लेकिन जब उन्होंने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं, तो बदमाशों को उनकी बात पर विश्वास ही नहीं हुआ. मुश्ताक ने बाद में अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया था कि किडनैपर्स उन्हें अमिताभ बच्चन, आमिर खान, सलमान खान, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसे बड़े सितारों के साथ काम करने का हवाला दे रहे थे. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इतने बड़े सितारों के साथ काम करने वाला एक्टर 1 करोड़ रुपये का इंतजाम क्यों नहीं कर सकता.
उन्हें ‘गदर 2’ की कमाई का भी हवाला दिया गया. किडनैपर्स का तर्क था कि जब फिल्म ने करीब 500 करोड़ रुपये कमाए हैं तो मुश्ताक को भी करोड़ों रुपये मिले होंगे. उन्हें लगता था कि फिल्म की कमाई कलाकारों के बीच बांट दी जाती है.
मुश्ताक ने उन्हें समझाया था कि फिल्मों में ऐसा नहीं होता. एक्टर को फिल्म शुरू होने से पहले जो फीस तय होती है, कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक उतना ही भुगतान मिलता है. फिल्म जितना भी बिजनेस करे, उसकी पूरी कमाई कलाकारों के खाते में नहीं आती. लेकिन किडनैपर्स उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे. रिपोर्ट्स में मुश्ताक के हवाले से बताया गया कि उन्होंने उनकी बात को झूठ तक कह दिया था.
जिस दुनिया को बाहर से देखकर लगता है कि हर फिल्मी चेहरा करोड़ों में खेलता है, मुश्ताक की किडनैपिंग ने उस चमक के पीछे की एक दूसरी हकीकत भी सामने रख दी थी.
मुश्ताक को करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की बात भी सामने आई. किडनैपर्स ने उनके और उनके बेटे के बैंक अकाउंट से कुल मिलाकर करीब 2 लाख रुपये से ज्यादा रकम ट्रांसफर कर ली थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके खाते से करीब 1.24 लाख और उनके बेटे के खाते से करीब 1.06 लाख रुपये निकाले गए थे.
मुश्ताक के लिए वो रात जिंदगी की सबसे डरावनी रातों में से एक थी. लेकिन फिर सुबह हुई और अचानक एक आवाज ने उनकी पूरी किस्मत बदल दी.
सुबह करीब 5:45 बजे मुश्ताक ने अजान की आवाज सुनी. उन्हें अंदाजा हुआ कि आसपास कहीं मस्जिद जरूर होगी. यही वो पल था जब उन्होंने खतरा उठाकर वहां से निकलने का फैसला किया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किडनैपर्स के सो जाने के बाद मुश्ताक ने मौका देखकर खुद को उनके कब्जे से छुड़ाया और वहां से भाग निकले. वह पास की मस्जिद पहुंचे और वहां मदद मांगी. मस्जिद के लोगों और स्थानीय परिवार की मदद से उनके परिवार से संपर्क हुआ और फिर पुलिस की मदद से वह सुरक्षित घर लौट सके.
मुश्ताक के बेटे ने भी बताया था कि उनके पिता ने वहां से निकलने के बाद फोन करने की कोशिश की और स्थानीय लोगों की मदद से परिवार तक खबर पहुंची.
मुश्ताक खान ने पर्दे पर ऐसे किरदार निभाए, जिनसे दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आती थी. लेकिन असल जिंदगी में उन्होंने ऐसा खौफ झेला, जिसकी कल्पना शायद उन्होंने भी कभी नहीं की होगी.
उन्होंने खुद बताया था कि फिल्मों में वह अक्सर देखते थे कि किसी इंसान की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे किडनैप कर लिया जाता है और फिरौती मांगी जाती है. लेकिन कभी नहीं सोचा था कि कुछ ऐसा उनके साथ ही हो जाएगा.
उनकी किडनैपिंग की खबर सामने आने के बाद इस बात पर भी सवाल उठे कि अपराधियों ने फिल्मी सितारों को उनकी स्क्रीन इमेज और फिल्मों की कमाई के आधार पर कितना अमीर समझ लिया था. मुश्ताक की आपबीती ने ये दिखाया कि पर्दे पर नजर आने वाली शोहरत और किसी कलाकार की असल कमाई के बीच कितना बड़ा फर्क हो सकता है.
और आज, जब मुश्ताक खान हमारे बीच नहीं हैं, उनकी जिंदगी का ये किस्सा और भी भावुक कर देता है. एक ऐसा एक्टर जिसने लोगों को पर्दे पर हंसाया, जिसने अपनी जिंदगी में मौत के बेहद करीब से गुजरने का खौफ झेला, और जिसने अजान की एक आवाज को उम्मीद की किरण बनाकर वहां से अपनी जान बचाई- आज वही चेहरा हमेशा के लिए खामोश हो गया है.

