उमर खालिद थे स्वरा-फहाद के 'क्यूपिड', एक फोन कॉल ने बदल दी दोनों की जिंदगी
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने 2023 में फहाद अहमद से शादी की थी. उनकी इंटरफेथ मैरिज की मीडिया में काफी चर्चा हुई थी. लेकिन क्या आप जानते है ये रिश्ता किसकी बदौलत जुड़ा था.फहाद और खुद स्वरा ने बताया है कि उन्हें मिलाने में पूर्व छात्र नेता और एक्टिविस्ट उमर खालिद ने 'क्यूपिड' का रोल प्ले किया था.
फहाद के मुताबिक, उमर खालिद ने उन्हें स्वरा भास्कर को फोन करने को कहा था. किसे पता था स्वरा संग हुई उनकी ये बातचीत दोनों को जिंदगीभर के लिए जोड़ देगी. फहाद ने The Midnight Hour संग बातचीत में कहा कि उमर खालिद मेरे अच्छे दोस्त हैं. उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं तुम्हें स्वरा का नंबर भेज रहा हूं, तुम उन्हें फोन कर लेना.
इसके बाद फहाद ने अपने दोस्त की बात मानी और स्वरा को फोन कर दिया. बातचीत के दौरान फहाद ने स्वरा को लेकर शिकायत भी की. उन्होंने मजाक में कहा कि स्वरा शादी के 3 साल बाद भी उनका फोन समय पर नहीं उठाती हैं. लेकिन उस दिन एक्ट्रेस ने कुछ रिंग्स के बाद उनका फोन उठा लिया था.
स्वरा भास्कर ने बताया कि वो आमतौर पर अनजान कॉल्स पिक नहीं करतीं. लेकिन उस वक्त वो नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में शामिल थीं. इसलिए आंदोलन से जुड़े कई लोगों से उनकी बातचीत होती थी. ऐसे में जब अनजान नंबर से फोन आया, तो उन्होंने इसे अवॉइड करने की बजाय पिक करना बेहतर समझा. स्वरा को आई ये कॉल फहाद की थी.
फहद और स्वरा की बातचीत हुई. बाद में उन्होंने स्वरा को प्रोटेस्ट में आने को कहा. फिर एक और CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान उनकी मुलाकात हुई. उनकी पहली सेल्फी भी एंटी-CAA रैली के दौरान ली गई थी. इसके बाद से उनका मिलना जुलना जारी रहा. वे करीब तीन साल तक दोस्त रहे. रिश्ता आगे बढ़ा. फिर 16 फरवरी 2023 को उन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी रजिस्टर कराई. कपल की एक बेटी भी है.
उमर खालिद, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र नेता और एक्टिविस्ट रहे हैं. वो CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में आए थे. उमर CAA विरोधी आंदोलन का मुख्य चेहरा बने. उमर का नाम कई विवादों में सामने आया है. JNU में एक कार्यक्रम के बाद उमर को देशद्रोही बताया गया. उमर को 2020 में दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि उमर ने इन आरोपों को गलत बताया है. फिलहाल वो 2020 से तिहाड़ जेल में बंद हैं.


