राजस्थान में पार्षदों की भागम-भाग जारी, कांग्रेस में बगावत से बीजेपी की राह आसान
राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद से शह-मात का खेल तेज हो गया है. मेयर, सभापति और अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए जोड़-तोड़ का दांव भी खेला जा रहा. बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही दल निर्दलीयों के सहारे ज्यादा से ज्यादा शहरों में सरकार बनाने यानि बोर्ड पर काबिज होना चाहते हैं.
निकाय चुनाव में जीते हुए पार्षदों को होटल और रिसॉर्ट्स में बाड़ेबंदी में रखा गया है, जहां से पार्षदों के भागने और पकड़े जाने का हाई-वोल्टेज ड्रामा जारी है. इस बीच राजस्थान सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के मेयर का चुनाव 26 सितंबर को जबकि बाकी सात निगमों में 21 सितंबर को कराने का ऐलान किया है.
पुनर्मतदान के बाद पलटा पासा, पुलिस पर आरोप जोधपुर में मेयर पद की जंग बेहद दिलचस्प हो गई है. पुनर्मतदान के नतीजों के बाद बीजेपी (45 सीटें) ने कांग्रेस (44 सीटें) को पीछे छोड़ दिया है. जोधपुर मेयर चुनाव में 11 निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका में हैं. एक निर्दलीय पार्षद के बीजेपी के खेमे में पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया.
एक निर्दलीय पार्षद के बीजेपी के पास पहुंच गया है,. जिसके खिलाफ कांग्रेस के नेताओं ने जोधपुर में आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया कि पुलिस जबरन उसे बीजेपी के बाड़े में ले गई है. कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की मदद से जबरन उनके समर्थक पार्षदों को बीजेपी के बाड़े में पहुंचाया जा रहा है.
पाली और बीकानेर में भी कांग्रेस पर संकट राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे आने के बाद सेकई जिलों में कांग्रेस को भीतरघात का सामना करना पड़ रहा है. पाली के नगर निगम में मेयर की कुर्सी पर काबिज होने के लिए दांव चले जा रहे. 29 पार्षद सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस संकट में है. कांग्रेस के खेमे से पार्षद निकल रहे.
बाड़ेबंदी से बीमारी का बहाना बनाकर निकलीं पार्षद राजबाला हिंगड़ ने कांग्रेस की आधिकारिक उम्मीदवार सुमित्रा जैन के खिलाफ निर्दलीय पर्चा भर दिया है. इस दौरान राजबाला के समर्थकों और कांग्रेस विधायक भीमराज भाटी के भाई के बीच हाथापाई और पिटाई की खबर भी आई है.
बीकानेर नगर निगम में सीन बदल रहा. स्पष्ट बहुमत के बावजूद कांग्रेस में बगावत हो गई है. वरिष्ठ नेता बीडी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला को प्रत्याशी बनाए जाने पर कांग्रेसी पार्षद नवरतन डागा ने पर्चा भर दिया. डागा ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बीकानेर कांग्रेस पर एक ही परिवार का कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा.
कांग्रेस में बगावत का खतरा मंडरा रहा अजमेर नगर निगम में डर का माहौल है. कांग्रेस को अपने पार्षदों के टूटने का खतरा इतना है कि दो दिन तक राजस्थान के होटलों में घुमाने के बाद 37 पार्षदों को चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु भेज दिया गया है. इसके बावजूद किरण गढ़वाल को टिकट मिलने से रश्मि शर्मा बागी हो गई हैं.
भरतपुर और अलवर के मेयर सीट पर काबिज होने की जंग काफी रोचक हो गई है. भरतपुर में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार न उतारने और अलवर में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के नाम वापस लेने से बीजेपी के लिए जीत की राह पूरी तरह साफ हो गई है.
जिला परिषदों और नगरपालिकाओं में भी खेल चल रहा है. धौलपुर जिला परिषद बाड़ेबंदी से भागे 3 कांग्रेसी पार्षदों को कांग्रेसियों ने यूपी के फतेहपुर सीकरी में पकड़ा. यूपी पुलिस हस्तक्षेप कर तीनों को वापस धौलपुर ले आई. इसी तरह झुंझुनू (मंडावा) कांग्रेसी पार्षदों की बाड़ेबंदी वाले होटल में पुलिस के छापे के बाद जोरदार हंगामा हुआ.
राजस्थान के इस सियासी घमासान में अब नजरें 21 और 26 सितंबर को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि बाड़ेबंदी का यह दांव किसके हक में जाता है.
