J-K: कठुआ में CISF कैंप में फायरिंग, जवान ने सहकर्मियों पर बरसाईं गोलियां, 4 की मौत
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली में CISF कैंप में 2009 बैच के एक हेड कॉन्स्टेबल HC अवदेश कुमार ने अपने साथी जवानों पर फायरिंग कर दी, जिसमें चार जवानों की मौत हो गई. घटना की वजह और परिस्थितियों का पता नहीं चल पाया है, मामले की जांच जारी है. CISF हेडक्वार्टर ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं और डीजी CISF पूरी घटना की मॉनीटरिंग कर रहे हैं.
शुरुआती तौर पर इस घटना को Fratricide (आपसी गोलीबारी) के रूप में देखा जा रहा था.कठुआ ज़िला पुलिस की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है.
चार मृतकों में CISF के असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, ड्यूटी चेंज के समय बहस हुई जिसके चलते जवान ने अपने ही सहकर्मियों पर फायरिंग कर दी.
Four Central Industrial Security Force (CISF) personnel were shot dead by a 2009-batch Head Constable of the force following a verbal argument among them over an issue at the Sewa-II Hydroelectric Project unit in Kathua. The incident took place around 7 pm. The accused Head…
इस मामले में सीआईएसफ हैडक्वाटर ने कोर्ट आफ इंक्वारी के आदेश दिए हैं. डीजी CISF पूरी घटना की मॉनीटरिंग कर रहे हैं. बता दें, यह इलाका हिमाचल प्रदेश की सीमा के पास स्थित है. इसकी सीमा हिमाचल के चंबा ज़िले से लगती है.
मृतक जवानों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे (कंपनी कमांडर), सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कॉन्स्टेबल संजीव कुमार और कॉन्स्टेबल मोहम्मद रफीक के रूप में हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि कठुआ में सेवा-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट में किसी बात को लेकर CISF जवानों के बीच बहस हो गई. इसी दौरान 2009 बैच के एक हेड कॉन्स्टेबल HC अवदेश कुमार ने CISF के ही चार जवानों पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई.
यह घटना शाम 7 बजे हुई. घटना के बाद आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को पुलिस के हवाले किया गया है. वहीं, CISF ने मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है.


