एशियन गेम्स से पहले टीम इंडिया के साथ ब्लंडर! जर्सी और किट का साइज ने किया परेशान, BCCI को करनी पड़ी मशक्कत
एशियन गेम्स के लिए जापान रवाना होने से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सामने जर्सी को लेकर अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है. टीम के कुछ खिलाड़ियों को अभी तक सही साइज की किट नहीं मिल पाई है. हालांकि, ज्यादातर खिलाड़ियों की समस्या अब दूर कर दी गई है और बाकी किट भी जल्द टीम तक पहुंचने की उम्मीद है.
श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम रविवार तड़के नई दिल्ली से जापान के लिए रवाना होगी. PTI को मिली जानकारी के मुताबिक, खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर BCCI और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के किट सप्लायर JSW Inspire के बीच लगातार बातचीत चलती रही.
एक IOA सूत्र ने बताया कि क्रिकेटरों की किट में साइज को लेकर समस्या थी. ज्यादातर मामलों को ठीक कर लिया गया है, जबकि कुछ खिलाड़ियों की किट अभी बाकी है, जिसे जल्द टीम तक पहुंचाया जाएगा. भारतीय खिलाड़ियों को जापान में दो अलग-अलग तरह की जर्सी पहननी है. 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र T20 मैच में टीम अपनी नियमित किट पहनेगी. इसके बाद 28 सितंबर से एशियन गेम्स की क्रिकेट इवेंट शुरू होने पर खिलाड़ी आधिकारिक एशियन गेम्स जर्सी में नजर आएंगे.
BCCI ने होटल को लेकर भी लिया अपना फैसला जर्सी के अलावा भारतीय टीम के ठहरने को लेकर भी BCCI ने अपना इंतजाम किया है. नागोया में दूसरे भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की जगह मिलने में हुई देरी को देखते हुए बोर्ड ने पुरुष क्रिकेट टीम के लिए खुद होटल की व्यवस्था की है.
एक सूत्र के मुताबिक, पुरुष टीम के लिए आयोजकों की ओर से उपलब्ध कराए गए कमरों में खिलाड़ियों के किट बैग रखने तक की पर्याप्त जगह नहीं थी. नागोया में बड़े होटल ज्यादा नहीं हैं, लेकिन BCCI ने टीम के जापान रवाना होने से ठीक पहले अपने स्तर पर होटल की व्यवस्था कर ली.
वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के ठहरने में कोई परेशानी नहीं हुई. वह IOA की ओर से उपलब्ध कराए गए आवास में ही रह रही है.
क्रिकेट सुविधाओं पर भी सवाल एशियन गेम्स में क्रिकेट को लेकर सिर्फ रहने की व्यवस्था ही चर्चा में नहीं है. वहां मिलने वाली क्रिकेट सुविधाओं और खासकर मैदान की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
इस बार एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के लिए कोई अलग गेम्स विलेज नहीं बनाया गया है. आयोजकों ने खिलाड़ियों के ठहरने के लिए क्रूज शिप, कंटेनर और होटल का इस्तेमाल किया है. कुछ भारतीय खिलाड़ियों को अपने आवास में चेक-इन करने के लिए घंटों इंतजार भी करना पड़ा है.


