6-7 कैच छोड़े, डेथ ओवर्स में भी फेल... मुल्लांपुर ODI में हार के बाद भड़के कप्तान शुभमन गिल, खिलाड़ियों को दी वॉर्निंग
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार (3 अक्टूबर) को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट से जीत दर्ज की. कप्तान शाई होप ने ग्रोइन इंजरी के बावजूद नाबाद 162 रन बनाए, जिसके चलते वेस्टइंजीज ने 352 रनों का विशाल लक्ष्य 10 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया.
मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार के कारणों पर बात करते हुए फील्डिंग और डेथ ओवर्स की गेंदबाजी को लेकर साफ तौर पर चिंता जताई. शुभमन ने माना कि भारतीय टीम की फील्डिंग उस स्तर की नहीं रही, जिसकी वर्ल्ड कप से पहले उम्मीद की जाती है. भारत ने मुकाबले में करीब 6-7 कैच टपकाए. कप्तान के मुताबिक इतने मौके गंवाना किसी भी टीम के लिए चिंता का विषय है.
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उन्होंने कहा, 'काफी चीजें अच्छी रहीं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में निश्चित रूप से सुधार की जरूरत है. हमारी फील्डिंग बेहतर हो सकती थी. हमने करीब 6-7 कैच छोड़े. वर्ल्ड कप से पहले यह अच्छा संकेत नहीं है.' गिल की सबसे बड़ी चिंता डेथ ओवर्स की गेंदबाजी को लेकर रही. उन्होंने माना कि आखिरी ओवरों में टीम को यह स्पष्टता नहीं है कि कब आक्रमण करना है और कब रन रोकने के लिए रक्षात्मक फील्ड लगानी है.
भारतीय कप्तान ने आगे कहा, 'हमें अपनी डेथ बॉलिंग पर काम करना होगा. जब हम डेथ ओवर्स में गेंदबाजी करते हैं तो हमें यह स्पष्ट नहीं होता कि हम अटैक कर रहे हैं या डिफेंड.' शुभमन ने कहा कि अगर विपक्षी टीम के पांच या छह विकेट गिर चुके हों, तब भी टीम को फील्ड सेट करने और गेंदबाजी की रणनीति तय करने में दुविधा होती है. कई बार डेथ ओवर्स की रणनीति जल्दी शुरू हो जाती है, जबकि उस समय मिडिल ओवर्स जैसी गेंदबाजी की जरूरत हो सकती है.
भारत की इस हार के सबसे बड़े जिम्मेदार वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप रहे. उन्होंने अपने ओडीआई करियर का 21वां शतक लगाया और अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई. वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का ये सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा. होप की यह लगातार दूसरी शतकीय पारी थी. गुवाहाटी वनडे में भी उन्होंने सेंचुरी लगाई थी और तीसरे मैच में उससे भी बड़ी पारी खेलकर भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
शाई होप ने धोनी का किया जिक्र मैच के बाद शाई होप ने अपनी शानदार पारी का एक दिलचस्प राज भी बताया. उन्होंने खुलासा किया कि भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से हुई बातचीत ने उनकी बल्लेबाजी की सोच को बेहतर बनाने में मदद की. होप ने कहा, 'मेरी महान खिलाड़ी एमएस धोनी के साथ अच्छी बातचीत हुई थी. उन्होंने मुझसे कहा था कि आपके पास हमेशा आपके सोचने से ज्यादा समय होता है. इसलिए मैं नतीजे पर ज्यादा ध्यान नहीं देता.'
शाई होप ने बताया कि अब वह मैच के अंतिम नतीजे के बजाय प्रोसेस पर ध्यान देने की कोशिश करते हैं. उनका फोकस परिस्थितियों को समझने, अपनी इनिंग्स को छोटे हिस्सों में बांटने और डेथ ओवर्स में बाउंड्री निकालने के सही मौके तलाशने पर रहता है.


