2000 साल से छिपा था पेरिस का राज! जमीन के नीचे मिली 20 मीटर लंबी प्राचीन दीवार

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फ्रांस की राजधानी पेरिस में करीब 2000 साल पुरानी एक दीवार मिली है. यह दीवार शहर की शुरुआत से जुड़े एक पुराने सवाल का जवाब देने में मदद कर सकती है. यह खोज पेरिस के इले दे ला सिते इलाके में हुई है. यहां होटल-दियू अस्पताल के नीचे खुदाई के दौरान करीब 20 मीटर लंबी पत्थर और लकड़ी की दी...

फ्रांस की राजधानी पेरिस में करीब 2000 साल पुरानी एक दीवार मिली है. यह दीवार शहर की शुरुआत से जुड़े एक पुराने सवाल का जवाब देने में मदद कर सकती है. यह खोज पेरिस के इले दे ला सिते इलाके में हुई है. यहां होटल-दियू अस्पताल के नीचे खुदाई के दौरान करीब 20 मीटर लंबी पत्थर और लकड़ी की दीवार मिली. पुरातत्वविदों को लगता है कि यह प्राचीन ल्यूटेशिया की सुरक्षा दीवार का हिस्सा हो सकती है. हालांकि, इसकी सही उम्र और इस्तेमाल की अभी और जांच होनी बाकी है.  Photo: AFP

यह खोज इसलिए खास है क्योंकि लंबे समय से यह बहस चल रही है कि प्राचीन पेरिस की बस्ती आखिर कहां थी. उस समय यहां पेरिसी नाम की गॉलिक जनजाति रहती थी और उनकी बस्ती को ल्यूटेशिया कहा जाता था. एक मान्यता के मुताबिक ल्यूटेशिया इले दे ला सिते पर थी.  Photo: AFP

वहीं दूसरी थ्योरी के मुताबिक यह बस्ती पेरिस के पश्चिम में मौजूद नांतेर इलाके में थी. अब इले दे ला सिते पर मिली इस दीवार ने इस बहस को फिर चर्चा में ला दिया है. मिली हुई दीवार जमीन से करीब 4 मीटर नीचे थी. इसकी ऊंचाई करीब 1 मीटर है. इसे होटल-दियू अस्पताल के एक आंगन में हुई खुदाई के दौरान खोजा गया.  Photo: AFP 

इस जगह पर पुरातात्विक खुदाई फरवरी 2026 में शुरू हुई थी. दीवार पत्थर और लकड़ी से बनी है. इस पर आग लगने के निशान भी मिले हैं. जली हुई लकड़ी के कुछ हिस्सों की कार्बन डेटिंग की गई. इसके मुताबिक ये अवशेष करीब 10 ईसा पूर्व से 200 ईसा पूर्व के बीच के हो सकते हैं. इस समय में 52 ईसा पूर्व का ल्यूटेशिया युद्ध भी आता है.  Photo: AFP

दीवार पर आग के निशान मिलने की वजह से इस खोज को और ध्यान से देखा जा रहा है. जूलियस सीजर ने अपनी किताब ‘गॉलिक वॉर्स’ में लिखा था कि रोमन सेना से लड़ाई से पहले गॉल्स ने अपनी बस्ती में आग लगा दी थी. लेकिन सिर्फ आग के निशान मिलने से यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि दीवार उसी घटना से जुड़ी थी.  Photo: AFP

इसके लिए अभी और जांच करनी होगी. वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दीवार कब बनी थी और इसका इस्तेमाल किस काम के लिए होता था. ल्यूटेशिया का जिक्र जूलियस सीजर की किताब में मिलता है. उन्होंने बताया था कि यह सीन नदी के एक द्वीप पर बसी थी और वहां पुलों से पहुंचा जा सकता था.  Photo: AFP

इसी वजह से इले दे ला सिते को लंबे समय से प्राचीन पेरिस की संभावित जगह माना जाता रहा है. लेकिन नांतेर में भी पुराने गॉलिक दौर की बस्ती के सबूत मिले हैं. इसी वजह से कुछ पुरातत्वविद मानते हैं कि असली ल्यूटेशिया नांतेर में हो सकती है. Photo: AFP

फ्रांस के संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक यह दीवार प्राचीन ल्यूटेशिया को समझने में अहम साबित हो सकती है. लेकिन इसे अंतिम सबूत मानना जल्दबाजी होगी. आगे की खुदाई और जांच से पता चलेगा कि यह दीवार किस काम के लिए बनाई गई थी. इसका प्राचीन ल्यूटेशिया से कितना सीधा संबंध है. फिलहाल इस खोज से इतना साफ है कि पेरिस के पुराने इतिहास को समझने के लिए वैज्ञानिकों के हाथ एक नया और अहम सुराग लगा है. Photo: AFP

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https://www.aajtak.in/science/photo/paris-origin-2000-year-old-wall-discovered-2653915-2026-09-26?utm_source=rss
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