कौन थे वो 2 'मिस्ट्री पायलट', जिन्होंने FlyDubai विमान को बचाया? कॉकपिट में पहुंचकर बचाई 182 जानें
FlyDubai के प्लेन में तीन दिन पहले एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने यात्रियों की सांसें रोक दी थीं. दरअसल, इजरायल जा रहा यह प्लेन अचानक तेजी से नीचे गिरने लगा. इसी दौरान फ्लाइट में मौजूद दो ऑफ ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर उसकी कमान संभाली. उन्होंने प्लेन को दोबारा स्थिर किया और बड़ी हादसा टाल दिया.
182 लोगों को बचाने वाले इन दोनों पायलटों की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. FlyDubai ने उन्हें सिर्फ ड्यूटी पर मौजूद क्रू मेंबर बताया है. यह भी साफ नहीं है कि एयरलाइन ने इन दोनों के नाम और पहचान क्यों नहीं बताई है.
प्लेन में कैसे पहुंचे दो अतिरिक्त पायलट?
दरअसल, विमान में 182 लोग सवार थे. इनमें दो ऑफ ड्यूटी पायलट भी मौजूद थे. ये दोनों उस प्लेन को बाद में तेल अवीव से दुबई वापस लेकर आने वाले थे. इसी वजह से वे यात्री के तौर पर विमान में सवार थे. विमानन क्षेत्र में इसे 'डेडहेडिंग' कहा जाता है.
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यात्रियों को शुरुआत में पता नहीं था कि प्लेन में दो पायलट और मौजूद हैं. हालात बिगड़ने के बाद इन दोनों ने प्लेन को संभालने में अहम भूमिका निभाई.
मालूम हो, फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी. इस दौरान प्लेन को ऑपरेट कर रहे कैप्टन स्मित मछार पर ओमानी को-पायलट ने हमला कर दिया. घायल कैप्टन ने को-पायलट का बहादुरी से सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया.
यात्रियों ने बताया कि को-पायलट कैप्टन मछार पर लगातार हमला कर रहा था. कॉकपिट में खून फैल गया था. इसके बावजूद कप्तान ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की. इसके बाद एक यात्री ने को-पायलट को पकड़कर बाहर खींच लिया. कुछ दूसरे यात्रियों ने भी उसे काबू करने की कोशिश की.
इसी दौरान प्लेन में मौजूद एक ऑफ ड्यूटी पायलट तेजी से कॉकपिट में पहुंचा. उसने कंट्रोल संभाल लिया. उसके पीछे दूसरा पायलट भी कॉकपिट में पहुंच गया.
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प्लेन में मौजूद यात्री डेनियल श्लिक्टर ने पूरा वाकया सुनाया. दरअसल, वह प्लेन की दूसरी रो में बैठे थे. उन्होंने कहा कि एक अतिरिक्त पायलट यात्रियों के बीच से तेजी से निकलकर कॉकपिट तक पहुंचा. वह उस जगह से लगभग छलांग लगाते हुए कॉकपिट में पहुंचा, जहां कुछ यात्री को-पायलट को काबू कर रहे थे. इसके बाद उसने प्लेन का कंट्रोल संभाल लिया. दूसरा पायलट भी उसके साथ कॉकपिट में पहुंच गया.
यात्री डेनियल श्लिक्टर ने बताया कि दोनों ने कॉकपिट का दरवाजा बंद कर लिया. वे नहीं चाहते थे कि कोई और अंदर आए. प्लेन उस समय बेहद खतरनाक स्थिति में था. वह काफी तेजी से नीचे जा रहा था. इस दौरान विमान के रडर का एक हिस्सा भी टूट गया था.
दोनों पायलटों को विमान को स्थिर करने में कई मिनट लगे. इसमें करीब 10 मिनट या उससे ज्यादा समय लगा था. इस दौरान प्लेन की हालत बेहद गंभीर थी. कॉकपिट से मेडे कॉल भी की गई. पायलट लगातार विमान को सुरक्षित जगह उतारने की कोशिश कर रहे थे.
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प्लेन स्थिर होने के बाद भी यात्रियों की चिंता खत्म नहीं हुई. कॉकपिट संभालने वाले दोनों पायलटों ने यात्रियों से तुरंत बातचीत नहीं की. इससे कुछ यात्री और ज्यादा डर गए. डेनियल श्लिक्टर ने बताया कि उन्हें डर था कि कहीं ये दोनों लोग विमान को हाईजैक न कर लें. उन्हें आशंका थी कि विमान को ईरान की ओर ले जाया जा सकता है.
करीब 45 मिनट बाद पायलटों ने यात्रियों को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विमान को सऊदी अरब के ताबुक में उतारा जाएगा. इसके बाद यात्रियों को राहत मिली. उन्हें बताया गया कि सब ठीक हो जाएगा. इन दोनों पायलटों की पहचान अब भी सार्वजनिक नहीं हुई है. लेकिन यात्रियों के मुताबिक, मुश्किल वक्त में कॉकपिट संभालकर उन्होंने विमान में सवार लोगों की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाई.


