राजस्थान: सरपंच का रिजल्ट आते ही गांव में बरसने लगे पत्थर, 150 लोगों की भीड़ का तांडव

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राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में सरपंच चुनाव का नतीजा सामने आते ही ऐसा बवाल हुआ कि मतगणना केंद्र में मौजूद कर्मचारियों को कमरों में छिपकर जान बचानी पड़ी. देखते ही देखते डेढ़ सौ से ज्यादा लोग जमा हो गए और राजकीय स्कूल में बने मतगणना केंद्र पर पत्थर बरसने लगे. किसी ने बस के शीशे तोड़ दि...

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में सरपंच चुनाव का नतीजा सामने आते ही ऐसा बवाल हुआ कि मतगणना केंद्र में मौजूद कर्मचारियों को कमरों में छिपकर जान बचानी पड़ी. देखते ही देखते डेढ़ सौ से ज्यादा लोग जमा हो गए और राजकीय स्कूल में बने मतगणना केंद्र पर पत्थर बरसने लगे. किसी ने बस के शीशे तोड़ दिए तो किसी ने जोनल मजिस्ट्रेट की बोलेरो को निशाना बनाया. करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. मामला फर्जी वोटिंग के आरोपों से शुरू हुआ था. हालात संभालने के लिए एसपी को अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचना पड़ा.

घटना चित्तौड़गढ़ जिले की नेतावल पाछली ग्राम पंचायत की है. यहां गुरुवार रात सरपंच चुनाव की मतगणना चल रही थी. जैसे ही परिणाम घोषित हुआ और रामेश्वर लाल धाकड़ ने 456 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, चुनावी माहौल अचानक तनाव में बदलने लगा. नेतावल पाछली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को मतगणना केंद्र बनाया गया था. गुरुवार रात यहां मतों की गिनती पूरी हुई. परिणाम में रामेश्वर लाल धाकड़ विजयी घोषित किए गए. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 456 वोटों से हराया. विजयी प्रत्याशी को उनके घर पहुंचाने के कुछ ही देर बाद मतगणना केंद्र के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी. चुनाव में अपने प्रत्याशियों की हार से नाराज कुछ ग्रामीणों ने मतदान में गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग के आरोप लगाने शुरू कर दिए. शुरुआत में विरोध और नारेबाजी की स्थिति रही, लेकिन कुछ ही देर में मामला पथराव तक पहुंच गया.

देखते ही देखते डेढ़ सौ से ज्यादा लोग मौके पर एकत्र हो गए. भीड़ ने मतगणना केंद्र को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया. अचानक हुए हमले से वहां मौजूद मतदानकर्मियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई. हालात बिगड़ते देख कर्मचारियों ने बाहर निकलने के बजाय कमरों के भीतर शरण ली. उन्हें डर था कि बाहर निकलने पर पत्थर लग सकते हैं. पुलिसकर्मियों ने भी भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन उपद्रव बढ़ता चला गया. इस दौरान भीड़ ने केंद्र परिसर के बाहर खड़े वाहनों को भी नहीं छोड़ा. वहां मौजूद एक बस और जोनल मजिस्ट्रेट की बोलेरो के शीशे तोड़ दिए गए. पथराव में दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा. इलाके की स्ट्रीट लाइटों को भी तोड़ दिया गया, जिससे आसपास अंधेरा छा गया.

भीड़ को काबू करने की कोशिश में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. करीब आधे घंटे तक मौके पर हंगामा चलता रहा. घटना की सूचना मिलते ही चित्तौड़गढ़ के एसपी धर्मेंद्र सिंह अतिरिक्त पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस के आला अधिकारियों और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा. इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका. हालांकि, चुनाव परिणाम के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए पुलिस ने कोई ढिलाई नहीं बरती.

घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही. एहतियात के तौर पर देर रात करीब दो बजे तक मतगणना केंद्र पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात रहा. पुलिस की मौजूदगी में हालात पर नजर रखी गई, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो. फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम की वजह चुनाव परिणाम के बाद लगाए गए फर्जी मतदान के आरोप बताए जा रहे हैं. हालांकि, केवल आरोप लगने से मतदान में गड़बड़ी साबित नहीं होती. इस मामले में आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई अहम होगी. नेतावल पाछली में पंचायत चुनाव का नतीजा घोषित होने के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय है. जिस स्कूल में कुछ घंटे पहले तक वोटों की गिनती हो रही थी, वहीं बाद में पत्थरबाजी और तोड़फोड़ का माहौल बन गया. चुनाव में जीत-हार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन नतीजे के बाद हिंसा ने गांव में तनाव जरूर बढ़ा दिया.

Original Source
https://www.aajtak.in/rajasthan/story/stones-rained-down-in-the-village-after-sarpanch-election-result-announment-lclg-strc-2689709-2026-11-06?utm_source=rss
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