कमजोर हुआ चक्रवाती तूफान मुरासु, अगले 12 घंटे में हो जाएगा खत्म

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भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु का अवशेष अब डीप डिप्रेशन से कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है. यह सिस्टम बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे पूर्वी तेलंगाना और आसपास के तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर केंद्रित था. 

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु का अवशेष अब डीप डिप्रेशन से कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है. यह सिस्टम बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे पूर्वी तेलंगाना और आसपास के तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर केंद्रित था. 

इसके केंद्र से नंदीगामा (आंध्र प्रदेश) से करीब 30 KM उत्तर-पश्चिम, खम्मम (तेलंगाना) से 30 KM दक्षिण, विजयवाड़ा से 80 KM उत्तर-पश्चिम, नलगोंडा से 90 किलोमीटर पूर्व और भद्राचलम से 110 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था. पिछले छह घंटों में यह सिस्टम लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा.

यह डिप्रेशन आगे भी लगभग उत्तर दिशा में बढ़ते हुए अगले 12 घंटों में और कमजोर होकर एक वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम जब जमीन पर आता है तो घर्षण और नमी की कमी के कारण उसकी ताकत तेजी से घटती है. 

The Deep Depression (Remnant of Severe Cyclonic Storm “Murasu”) over Coastal Andhra Pradesh & adjoining east Telangana moved nearly northwards with a speed of 10 kmph during past 06 hours, weakened into a Depression and lay centered at 0530 hours IST of today,  the 04th   November, 2026, over east Telangana & adjoining Coastal Andhra Pradesh near Latitude 17.0°N and Longitude 80.1°E, about 30 km northwest of Nandigama (Andhra Pradesh), 30 km south of Khammam (Telangana),  80 km northwest of Vijayawada (Andhra Pradesh), 90 km east of Nalgonda (Telangana) and 110 km southwest of Bhadrachalam (Telangana). Continuing to move nearly northwards, it is very likely to weaken further into a Well Marked Low Pressure area during next 12 hours.

मुरासु का अवशेष भी इसी प्रक्रिया से गुजर रहा है. इससे प्रभावित क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है, हालांकि कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं अभी भी जारी रह सकती हैं.

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पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से हुई बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है. खम्मम, नंदीगामा, विजयवाड़ा और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. किसान भाई फसलों की सुरक्षा पर ध्यान दें. 

कमजोर होने के बावजूद लो प्रेशर सिस्टम स्थानीय स्तर पर मूसलाधार बारिश का कारण बन सकता है. लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें और अनावश्यक यात्राओं से बचें. बिजली के खंभे, पेड़ गिरने और सड़क दुर्घटनाओं से सावधान रहें.

मुरासु जैसे सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातों की श्रृंखला का हिस्सा हैं. नवंबर का महीना इस क्षेत्र के लिए सक्रिय मौसम का समय होता है. सिस्टम के कमजोर होने से बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका कम हो गई है, लेकिन स्थानीय प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मौसम वैज्ञानिक लगातार निगरानी कर रहे हैं. अगले अपडेट में इसकी स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी. जनसामान्य को शांत रहकर अधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखना चाहिए.

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https://www.aajtak.in/science/story/remnant-of-severe-cyclonic-storm-murasu-dskc-2687790-2026-11-04?utm_source=rss
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